
Authentic Self (1)
प्रामाणिक स्व(१) सबसे बड़ा धर्म है, अपने स्वभाव के प्रति सच्चा होना। — स्वामी विवेकानंद Authentic Self (1) The greatest religion is, To be true
विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..
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यह पुस्तक समर्पित है —– परम प्रेम और श्र्द्धा के साथ मेरी प्रिय अज्जी – डॉ. सरलादेवी खोत को, जो सदा मेरी गुरु और जीवन..
पीना तो बनता है नयी सहर हो गयी, पीना तो बनता हैखुदा का नाम लिया, पीना तो बनता है सहर — सुबह नाश्ते की डकार..
For my friends “Raj and Saroj Wadhwa” Look at the flower in lasting gaze, you’ll find a beauty like never before,You’ll sense a union with..
बाग़ का फूल, अपना पराग दे कर मुरझा जाता है पूजा का फूल अपना आशीर्वाद देकर मुरझा जाता है गुलदस्ते का फूल आनंद देकर कुछ..
चैन की नींद मेरा सब कुछ लेले, बस चैन की नींद का रहम कर दौलत में चैन नहीं, इज़्ज़त में चैन नहीं रस्मों में चैन..
मैडम और गंगू बाई (४) आज सवेरे, मैडम ने डांट के बजाय, एक मुस्कान से गंगू बाई का अभिवादन कियागंगू बाई का माथा ठनका, मन..

प्रामाणिक स्व(१) सबसे बड़ा धर्म है, अपने स्वभाव के प्रति सच्चा होना। — स्वामी विवेकानंद Authentic Self (1) The greatest religion is, To be true

भगति दुहेली राम की, जैसी खाँड़े की धार । // कोई एक पावै संत जन, जाके पाँचूँ हाथि। कबीर संत कहे जाते हैं, पर इनके

Prahlad was born to King Hiranyakashipu, a powerful asura (demon) king, who desired immortality and sought to be worshipped as a Bhagwan. After performing bhakti