
विषाद (Melancholia)
विषाद (Melancholia) आइफ़ोन में पढ़ा और टीवी पे देखा कि आज मेरे घर के पास तूफ़ान आने वाला है । ज़ोरों से पानी बरसेगा और
विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..
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कहा कुछ तुमने ?– सुना नहीं, दुआ थी या बद्दुआ, पता नही । हाँ और ना से, हक़ीक़त बदलते देखी बातों का अब मुझे, आसरा नहीं ।..
ख़्वाब तो ख़्वाब है ख़्वाब तो ख़ाली ही रहते हैंख़्वाब कभी भरते नहींमेरी क़िस्मत को तो देखोमुझे ख़्वाब भी आते नहीं कल रात बड़ी मुद्दतों..
Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals..
Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals..
दोस्त दोस्तों को “जी” नहीं कहतेगाली भी दें तो, खफा नहीं रहतेजिनके होने से खुशी हो दुगनीमुश्किल पड़े तो वो, हमसे जुदा नहीं रहते दोस्ती..
अपराधी कौन? अचानक चौके से कांच का बर्तन टूटने की आवाज़ आईमन ही मन सोचा “आज तो गंगू बाई की है शामत आई”सन्नाटा बना रहाबहुत..

विषाद (Melancholia) आइफ़ोन में पढ़ा और टीवी पे देखा कि आज मेरे घर के पास तूफ़ान आने वाला है । ज़ोरों से पानी बरसेगा और

करनी तज कथनी कथै, अज्ञानी दिन रात । ///// मन के मते न चालिए, मन के मते अनेक । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals