Artha Purushārtha

The word Purushārtha means human goals. In our spiritual texts,...

Moksha Purushārtha

The word Purushārtha means human goals. In our spiritual texts,...

Kāma Purushārtha

The word Purushārtha means human goals. In our spiritual texts,...

Featured / विशेष

मेरी अज्जी और मैं — आभार

मैं इस पुस्तक के शोध, लेखन, संपादन और प्रकाशन के साथ मुझे प्रेरित करने और मेरी मदद करने के लिए अनेकानेक लोगों को धन्यवाद देना..

मेरी अज्जी और मैं (५/२१)

विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..

मेरी अज्जी और मैं (३/२१)

विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..

Most read / लोकप्रिय

Thus Spake Kabeer 09

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone.  He also deals..

टूटे-फूटे ख़याल

सपने और यादें तेरी यादें कभी मेरे जहन से जाती ही नहींतेरे सपने मेरी आँखों से कभी टलते ही नहींमैं तो उलझ जाता हूँ ये..

कहत कबीर १०

जल में कुंभ, कुंभ में जल है, बाहर – भीतर पानी । // जाका गुरु है आँधरा, चेला है जाचंध । कबीरदास जी संत कहे..

कहत कबीर ०४

बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर । // काम क्रोध मद लोभ की, जब लग घट में खानि । कबीरदास जी संत कहे..

कहत कबीर ०८

कस्तूरी कुंडल बसै, मृग ढूँढ़े बन माहि । // सोना, सज्जन, साधुजन, टूट जुड़ै सौ बार । कबीरदास जी संत कहे जाते हैं, पर इनके..

Thus Spake Kabeer 48

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals..

Prose/गद्य

उद्धरण (Quotes)

Busy life

Beware the barrenness of a busy life. — Socrates उस ख़ालीपन से सावधान रहिए जो व्यस्तता आपके जीवन में ले आती है । — सुकरात

Read More »

Poetry/पद्य

आध्यात्मिक (Spiritual)

कहत कबीर ०३

ऊँचे पानी ना टिकै, नीचे ही ठहराय । // बुरा जो देखन मैं चला , बुरा न मिलिया कोय । ऊँचे पानी ना टिकै, नीचे

Read More »

Inspirational / प्रेरक

आध्यात्मिक (Spiritual)

कहत कबीर ४५

आशा तजि माया तजै, मोह तजै अरु मान । ///// कागा काको धन हरै, कोयल काको देत । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर इनके

Read More »