
Nature of Love
The mysterious nature of love is that no one has ever, to my knowledge, arrived at a truly satisfactory definition of love. —-M. Scott Peck
मनुष्यों के अस्तित्व के लिए पानी आवश्यक है । इसलिए, जैसे-जैसे मानव जाति खानाबदोश “शिकार-संग्रह” जीवन शैली से “कृषिवाद” तक आगे बढ़ी, उन्होंने एक स्थान..
हमारा पहला पड़ाव था “अडालज की वाव” । वाव या बावड़ी या, अंग्रेज़ी में, Stepwell, का इतिहास बहुत पुराना है । पानी को संचय करनेवाली..
श्री जसवंत सिंह जी बाँठिया के, 20 वीं सदी के मध्य में जन्मे पौत्र-पौत्रियाँ, अपने जीवन के ८ वें / ९ वें दशक में पहुँच..
कहा कुछ तुमने ?– सुना नहीं, दुआ थी या बद्दुआ, पता नही । हाँ और ना से, हक़ीक़त बदलते देखी बातों का अब मुझे, आसरा नहीं ।..
बचपन में हम एक छोटी सी औद्योगिक बसाहट में रहते थे – तीन बँगले, ८-१० क्वार्टर, मजदूरों की बस्ती, एक डिस्पेंसरी और बैरकनुमा ऑफिसों के..
विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..
यह पुस्तक समर्पित है —– परम प्रेम और श्र्द्धा के साथ मेरी प्रिय अज्जी – डॉ. सरलादेवी खोत को, जो सदा मेरी गुरु और जीवन..
विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..
कमोदिनी जलहरि बसै , चंदा बसै अकास । ////// धीरे-धीरे रे मना , धीरे सब कुछ होय । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर इनके..
मैंने ग़ालिब से पूछा, “ग़ालिब ये शायरी किस बला का नाम है?”“ए नामुराद, क्यों मुझे यार के सपनों से जगाता है”मैं भी ज़िद्दी ठहरा—“ग़ालिब मुझ..
तेरे ख़्वाबों की ख़ुशबू कोई चीज़ है, या ना चीज़ हैकोई ख़याल है या बस एक अहसास हैज़हन में बस गयी है, दिल में उतर..
Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals..
अति का भला न बोलना, अति की भली न चूप । // जहाँ काम तहाँ नाम नहिं, नाम नही वहँ काम । कबीरदास जी संत..

The mysterious nature of love is that no one has ever, to my knowledge, arrived at a truly satisfactory definition of love. —-M. Scott Peck

अहिंसा की शुरुआत शक था मन में ज़िंदगी, हिंसा बिना कैसे जीऊँ,कोई आए मारने तो शांति से पिटता रहूँ?धर्म ये कहता नहीं, कायर बने दुबके

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals