
विषाद (Melancholia)
विषाद (Melancholia) आइफ़ोन में पढ़ा और टीवी पे देखा कि आज मेरे घर के पास तूफ़ान आने वाला है । ज़ोरों से पानी बरसेगा और
मनुष्यों के अस्तित्व के लिए पानी आवश्यक है । इसलिए, जैसे-जैसे मानव जाति खानाबदोश “शिकार-संग्रह” जीवन शैली से “कृषिवाद” तक आगे बढ़ी, उन्होंने एक स्थान..
हमारा पहला पड़ाव था “अडालज की वाव” । वाव या बावड़ी या, अंग्रेज़ी में, Stepwell, का इतिहास बहुत पुराना है । पानी को संचय करनेवाली..
श्री जसवंत सिंह जी बाँठिया के, 20 वीं सदी के मध्य में जन्मे पौत्र-पौत्रियाँ, अपने जीवन के ८ वें / ९ वें दशक में पहुँच..
कहा कुछ तुमने ?– सुना नहीं, दुआ थी या बद्दुआ, पता नही । हाँ और ना से, हक़ीक़त बदलते देखी बातों का अब मुझे, आसरा नहीं ।..
बचपन में हम एक छोटी सी औद्योगिक बसाहट में रहते थे – तीन बँगले, ८-१० क्वार्टर, मजदूरों की बस्ती, एक डिस्पेंसरी और बैरकनुमा ऑफिसों के..
विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..
विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..
इस प्रस्तुति में हम आपके सामने एक ऐसी जुझारू महानारी की कथा पेश करने जा रहे हैं जिन्होने अपने समय, समाज और आर्थिक स्थिति की..
लंबा मारग, दूर घर, बिकट पंथ बहु मार । ///// कबीर निर्भय राम भज, जब लगि दीवै बाति । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर..
Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals..
Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals..
सोना सज्जन साधुजन, टूटे जुड़े सौ बार । // तन को जोगी सब करै, मन को करै न कोय । कबीर संत कहे जाते हैं,..
जनाबे -आला, मेहरबान हमने आप से प्यार कर लिया, तो कर लिया,आप माने या ना माने हम ने आपकी यादों को सजा लिया, तो सजा..
Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals..

विषाद (Melancholia) आइफ़ोन में पढ़ा और टीवी पे देखा कि आज मेरे घर के पास तूफ़ान आने वाला है । ज़ोरों से पानी बरसेगा और

हरि गुन गावै हरषि के, हिरदय कपट न जाय । ////// बूझ सरीखी बात है, कहन सरीखी नाहिं। कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर इनके

What you seem to be, be really. — Benjamin Franklin प्रामाणिक स्व (२) जैसे लगते हैं, वैसे बनें । — बेंजामिन फ्रैंकलिन Image Credit: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:BenFranklinDuplessisFXD.jpg