भाषा – वाषा का अनोखापन
हिन्दी, और कुछ और भारतीय भाषाओं के वार्तालाप में, तुकांत शब्दों का एक अनोखा उपयोग किया जाता है । यह उपयोग वार्तालाप मे मुख्य शब्द
श्री जसवंत सिंह जी बाँठिया के, 20 वीं सदी के मध्य में जन्मे पौत्र-पौत्रियाँ, अपने जीवन के ८ वें / ९ वें दशक में पहुँच..
कहा कुछ तुमने ?– सुना नहीं, दुआ थी या बद्दुआ, पता नही । हाँ और ना से, हक़ीक़त बदलते देखी बातों का अब मुझे, आसरा नहीं ।..
बचपन में हम एक छोटी सी औद्योगिक बसाहट में रहते थे – तीन बँगले, ८-१० क्वार्टर, मजदूरों की बस्ती, एक डिस्पेंसरी और बैरकनुमा ऑफिसों के..
विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..
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मैं इस पुस्तक के शोध, लेखन, संपादन और प्रकाशन के साथ मुझे प्रेरित करने और मेरी मदद करने के लिए अनेकानेक लोगों को धन्यवाद देना..
विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..
जहाँ न जाको गुन लहै, तहाँ न ताको ठाँव । ///// हीरा तहाँ न खोलिए, जहँ खोटी है हाट । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं,..
दोस्त दोस्तों को “जी” नहीं कहतेगाली भी दें तो, खफा नहीं रहतेजिनके होने से खुशी हो दुगनीमुश्किल पड़े तो वो, हमसे जुदा नहीं रहते दोस्ती..
Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals..
चिड़ी चोंच भरि लै गई, नदी घट्या ना नीर । ///// पानी बाढ़ै नाव में, घर में बाढ़ै दाम । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं,..
दोस पराए देख करि, चलत हसन्त हसन्त । // दीन, गरीबी, बंदगी, सब सों आदर भाव । कबीरदास जी संत कहे जाते हैं, पर इनके..
हिन्दी, और कुछ और भारतीय भाषाओं के वार्तालाप में, तुकांत शब्दों का एक अनोखा उपयोग किया जाता है । यह उपयोग वार्तालाप मे मुख्य शब्द

आशा तजि माया तजै, मोह तजै अरु मान । ///// कागा काको धन हरै, कोयल काको देत । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर इनके

तेरा साईं तुज्झ में, ज्यों पुहुपन में बास । // कहता तो बहुता मिला , गहता मिला न कोय । कबीरदास जी संत कहे जाते