लफ़्ज़ों में क्या रखा है
कहा कुछ तुमने ?– सुना नहीं, दुआ थी या बद्दुआ, पता नही । हाँ और ना से, हक़ीक़त बदलते देखी बातों का अब मुझे, आसरा नहीं ।
विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..
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सन १८९७ में एक दरिद्र परिवार में जन्म २ वर्ष की आयु में ही पिता को खो दिया ९ वर्ष की आयु में विवाह १०..
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प्रेम न बारी ऊपजै, प्रेम न हाट बिकाय । ////// जो घट प्रेम न संचरै, सो घट जानि मसान । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं,..
तेरा साईं तुज्झ में, ज्यों पुहुपन में बास । // कहता तो बहुता मिला , गहता मिला न कोय । कबीरदास जी संत कहे जाते..
ये दोहे श्री अनूप जलोटा के गाये हुए “कबीर दोहे” की धुन पर सजते हैं दान में नाम नहीं, नाम से दान नहीं ।नाम है..
Let go of Worry Today Actions and reactionsCause and effectSufferings and HappinessA process of continuous flow Sages have shown the way Understand the impermanenceLet go..
तुरुक मसीहत देहर हिंदू, आप आप को धाय । ////// हंसा बगुला एक सा, मानसरोवर माँहि । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर इनके विचारों..
कहा कुछ तुमने ?– सुना नहीं, दुआ थी या बद्दुआ, पता नही । हाँ और ना से, हक़ीक़त बदलते देखी बातों का अब मुझे, आसरा नहीं ।

एक हास्यास्पद विडंबना यह कैसी विडंबना है कि हमारे कुछ समुदायों (communities) में महिलायें भगवान का नाम भी नहीं ले सकती हैं? उन बिचारियों के

ज्यों तिल माँहीं तेल है, चकमक माँहीं आगि । // ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय । कबीरदास जी संत कहे जाते हैं, पर