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मेरी उम्र लगभग 13–14 साल रही होगी जब मेरे ननिहाल में सुखदेई नाम की रसोईदारिन रहती थी । महीने दो महीने में जब भी मेरा
विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..
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अनुवाद मेरा शौक़ — मेरी हॉबी है । मैं केवल छपने के लिए ही नहीं, मन बहलाने के लिए भी अनुवाद करती रही हूँ ।..
डॉ. कुसुम बाँठिया दिल्ली में कॉलेजों तथा विश्वविद्यालय में तीस वर्ष तक हिन्दी भाषा तथा साहित्य का प्राध्यापन करने के बाद सेवानिवृत्त हुई हैं ।..
मैंने ग़ालिब से पूछा, “ग़ालिब ये शायरी किस बला का नाम है?”“ए नामुराद, क्यों मुझे यार के सपनों से जगाता है”मैं भी ज़िद्दी ठहरा—“ग़ालिब मुझ..
कबीर सूता क्या करै, जागि न जपै मुरारि । ///// पात झरंता यों कहे, सुनु तरुवर बनराय । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर इनके..
माटी कहे कुम्हार से , तू क्या रौंदे मोय । // माली आवत देखि कै कलियन करी पुकार । कबीरदास जी संत कहे जाते हैं,..
कहा कुछ तुमने ?– सुना नहीं, दुआ थी या बद्दुआ, पता नही । हाँ और ना से, हक़ीक़त बदलते देखी बातों का अब मुझे, आसरा नहीं ।..
साधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय । // जाति न पूछो साधु की , पूछ लीजिए ज्ञान । कबीरदास जी संत कहे जाते हैं, पर..
मेरी जन्नत तो यहीं है मेरी जन्नत तो यहीं हैजन्नत में क्या है, जहन्नुम में क्या हैमुझे न तो ख़बर है, न ही परवाह या..
मेरी उम्र लगभग 13–14 साल रही होगी जब मेरे ननिहाल में सुखदेई नाम की रसोईदारिन रहती थी । महीने दो महीने में जब भी मेरा

Colors of Love I walked through a park, one quiet summer day,I was a tad down, and needed to get away.So suddenly I noticed, the

सुख के संगी स्वारथी, दुःख में रहते दूर । ////// पहिले यह मन काग था, करता जीवन घात । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर