अन्दर-बाहर
हमारी भावनाएँनन्हे शिशुओं की तरह खेलती रहती हैंमन के धूल भरे आँगन में हाथ-पैर लिथड़ जाते हैं धूल मेंकपड़ों पर फैल जाती है गंदगीऔर अँगनाई
बचपन में हम एक छोटी सी औद्योगिक बसाहट में रहते थे – तीन बँगले, ८-१० क्वार्टर, मजदूरों की बस्ती, एक डिस्पेंसरी और बैरकनुमा ऑफिसों के..
विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..
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यह पुस्तक समर्पित है —– परम प्रेम और श्र्द्धा के साथ मेरी प्रिय अज्जी – डॉ. सरलादेवी खोत को, जो सदा मेरी गुरु और जीवन..
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एक हास्यास्पद विडंबना यह कैसी विडंबना है कि हमारे कुछ समुदायों (communities) में महिलायें भगवान का नाम भी नहीं ले सकती हैं? उन बिचारियों के..
Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals..
साईं इतना दीजिए , जामें कुटुम समाय । ///// रूखी सूखी खाय के ठंडा पानी पीव । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर इनके विचारों..
सतगुरु दीनदयाल हैं, दया करी मोहि आय । ///// सिख तो ऐसा चाहिए, गुरु को सब कुछ देय। कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर इनके..
साधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय । // जाति न पूछो साधु की , पूछ लीजिए ज्ञान । कबीरदास जी संत कहे जाते हैं, पर..
हमारी भावनाएँनन्हे शिशुओं की तरह खेलती रहती हैंमन के धूल भरे आँगन में हाथ-पैर लिथड़ जाते हैं धूल मेंकपड़ों पर फैल जाती है गंदगीऔर अँगनाई
सपने और यादें तेरी यादें कभी मेरे जहन से जाती ही नहींतेरे सपने मेरी आँखों से कभी टलते ही नहींमैं तो उलझ जाता हूँ ये

भगति दुहेली राम की, जैसी खाँड़े की धार । // कोई एक पावै संत जन, जाके पाँचूँ हाथि। कबीर संत कहे जाते हैं, पर इनके