
Cry of a newborn
Why do babies cry at birth? हिन्दी में पढ़िये A “free” soul, for liberation from “Karma”Enters the domain of “physical life” once again A new
मनुष्यों के अस्तित्व के लिए पानी आवश्यक है । इसलिए, जैसे-जैसे मानव जाति खानाबदोश “शिकार-संग्रह” जीवन शैली से “कृषिवाद” तक आगे बढ़ी, उन्होंने एक स्थान..
हमारा पहला पड़ाव था “अडालज की वाव” । वाव या बावड़ी या, अंग्रेज़ी में, Stepwell, का इतिहास बहुत पुराना है । पानी को संचय करनेवाली..
श्री जसवंत सिंह जी बाँठिया के, 20 वीं सदी के मध्य में जन्मे पौत्र-पौत्रियाँ, अपने जीवन के ८ वें / ९ वें दशक में पहुँच..
कहा कुछ तुमने ?– सुना नहीं, दुआ थी या बद्दुआ, पता नही । हाँ और ना से, हक़ीक़त बदलते देखी बातों का अब मुझे, आसरा नहीं ।..
बचपन में हम एक छोटी सी औद्योगिक बसाहट में रहते थे – तीन बँगले, ८-१० क्वार्टर, मजदूरों की बस्ती, एक डिस्पेंसरी और बैरकनुमा ऑफिसों के..
विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..
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A Magnificent Trade My Child! Today I wish to share with you. My love for you is Unequivocal Uninhibited Unending Unfathomable Uninterrupted Unbiased and Unconditional..
सपने और यादें तेरी यादें कभी मेरे जहन से जाती ही नहींतेरे सपने मेरी आँखों से कभी टलते ही नहींमैं तो उलझ जाता हूँ ये..
माया मुई न मन मुआ, मर मर गया सरीर । // चलती चाकी देखकर, दिया कबीर रोय । कबीरदास जी संत कहे जाते हैं, पर..
Two things are infinite: the universe and human stupidity; and I’m not sure about the Universe. — Albert Einstein मानव की मूर्खता दो चीजें अनंत..
हमारी भावनाएँनन्हे शिशुओं की तरह खेलती रहती हैंमन के धूल भरे आँगन में हाथ-पैर लिथड़ जाते हैं धूल मेंकपड़ों पर फैल जाती है गंदगीऔर अँगनाई..
जब दिल मिला दयाल सों, तब कछु अंतर नाहिं । // पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ , पंडित हुआ न कोय । कबीर संत कहे..

Why do babies cry at birth? हिन्दी में पढ़िये A “free” soul, for liberation from “Karma”Enters the domain of “physical life” once again A new

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals

Prahlad was born to King Hiranyakashipu, a powerful asura (demon) king, who desired immortality and sought to be worshipped as a Bhagwan. After performing bhakti