राखी

मुंबई महानगर में, मुलुंड की एक चॉल में, एक निम्न-मध्यमवर्गीय...

Plant Care Data

In India, with the boom in economy, and resulting have...

Brahmacharya Āshram

The word Āshram means a place or stage where one...

Featured / विशेष

मेरी अज्जी और मैं — आभार

मैं इस पुस्तक के शोध, लेखन, संपादन और प्रकाशन के साथ मुझे प्रेरित करने और मेरी मदद करने के लिए अनेकानेक लोगों को धन्यवाद देना..

मेरी अज्जी और मैं (४/२१)

विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..

मेरी अज्जी और मैं (२०/२१)

विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..

Most read / लोकप्रिय

“जी” नहीं कहते

दोस्त दोस्तों को “जी” नहीं कहतेगाली भी दें तो, खफा नहीं रहतेजिनके होने से खुशी हो दुगनीमुश्किल पड़े तो वो, हमसे जुदा नहीं रहते दोस्ती..

Thus Spake Kabeer 26

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals..

सर्जन का संगीत

सर्जन का संगीत धरती पर झरते रहते हैं बीज निरंतरकितने उनमें वृक्ष घनेरे/नन्हे पौधे बन पाते हैं?उन्हें चाहिए क्षिति-जल-पावक-गगन-समीरण —धरती — जो अपनी गोदी में..

चैन की नींद

चैन की नींद मेरा सब कुछ लेले, बस चैन की नींद का रहम कर  दौलत में चैन नहीं, इज़्ज़त में चैन नहीं रस्मों में चैन..

कौन बदलता है?

कौन बदलता है? वो नहीं बदले, जो कहते थे कि तुम बदलो,वो भी नहीं बदले, जिन्हे हमने कहा बदलो ।इन्ही उपदेशों के चलते, हुए कई..

इन्सान की दौड़

इन्सान की दौड़ प्रकृति, देख रही है इन्सान को,उसकी दौड़ती भागती जिंदगी को उसे है गंतव्य तक पहुंचने की दौड़ट्रैफिक से बचने की होड़मन में..

Prose/गद्य

उद्धरण (Quotes)

Busy life

Beware the barrenness of a busy life. — Socrates उस ख़ालीपन से सावधान रहिए जो व्यस्तता आपके जीवन में ले आती है । — सुकरात

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Poetry/पद्य

आध्यात्मिक (Spiritual)

कहत कबीर ४९

कमोदिनी जलहरि बसै , चंदा बसै अकास । ////// धीरे-धीरे रे मना , धीरे सब कुछ होय । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर इनके

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Inspirational / प्रेरक

Differing Perspective

Worthless people live only to eat and drink; people of worth eat and drink only to live. — Socrates नालायक लोग केवल खाने के लिए

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