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In India, with the boom in economy, and resulting have...

Brahmacharya Āshram

The word Āshram means a place or stage where one...

प्यार और प्याज

प्यार और प्याज प्यार और प्याज में बहुत ज़्यादा फ़र्क़...

Featured / विशेष

मेरी अज्जी और मैं (४/२१)

विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..

मेरी अज्जी और मैं (१७/२१)

विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..

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अन्दर-बाहर

हमारी भावनाएँनन्हे शिशुओं की तरह खेलती रहती हैंमन के धूल भरे आँगन में हाथ-पैर लिथड़ जाते हैं धूल मेंकपड़ों पर फैल जाती है गंदगीऔर अँगनाई..

A Magnificent Trade

A Magnificent Trade My Child! Today I wish to share with you. My love for you is Unequivocal Uninhibited Unending Unfathomable Uninterrupted Unbiased and Unconditional..

Thus Spake Kabeer 06

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone.  He also deals..

बन्दर की पूंछ

बन्दर की पूंछ (पंचतंत्र की एक कहानी पर आधारित) बहुत दिनों पहले जंगल में, रहते थे कुछ बन्दरइधर कूदते, उधर फाँदते, खेला करते दिन भर..

कहत कबीर ०३

ऊँचे पानी ना टिकै, नीचे ही ठहराय । // बुरा जो देखन मैं चला , बुरा न मिलिया कोय । ऊँचे पानी ना टिकै, नीचे..

Thus Spake Kabeer 21

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone.  He also deals..

Prose/गद्य

यादों के साये (Nostalgia)

मुट्ठी में दुअन्नी

बचपन में हम एक छोटी सी औद्योगिक बसाहट में रहते थे – तीन बँगले, ८-१० क्वार्टर, मजदूरों की बस्ती, एक डिस्पेंसरी और बैरकनुमा ऑफिसों के

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Poetry/पद्य

आध्यात्मिक (Spiritual)

कहत कबीर ३४

हिंदू कहे राम मोहि प्यारा, तुरक कहे रहिमाना । ///// हिंदू कहूँ तो मैं नहीं, मुसलमान मैं नाहिं । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर

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Inspirational / प्रेरक

आध्यात्मिक (Spiritual)

कबीर दास जी से प्रेरित कुछ दोहे — ४

यह दोहे श्री अनूप जलोटा के गाये हुए “कबीर दोहे” की धुन पर सजते हैं चिंता तबहू कीजिये, गर चिंता से सुख होय चिंता को तज दीजिये, मन की

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