प्यार और प्याज

प्यार और प्याज प्यार और प्याज में बहुत ज़्यादा फ़र्क़...

Sanyās Āshram

The word Āshram means a place or stage where one...

Vānaprastha Āshram

The word Āshram means a place or stage where one...

Featured / विशेष

मेरी अज्जी और मैं (३/२१)

विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..

मेरी अज्जी और मैं — अनुवादक के बारे में

डॉ. कुसुम बाँठिया दिल्ली में कॉलेजों तथा विश्वविद्यालय में तीस वर्ष तक हिन्दी भाषा तथा साहित्य का प्राध्यापन करने के बाद सेवानिवृत्त हुई हैं ।..

मेरी अज्जी और मैं (७/२१)

विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..

Most read / लोकप्रिय

कहत कबीर ४७

प्रेम न बारी ऊपजै, प्रेम न हाट बिकाय । ////// जो घट प्रेम न संचरै, सो घट जानि मसान । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं,..

Human Stupidity

Two things are infinite: the universe and human stupidity; and I’m not sure about the Universe. — Albert Einstein मानव की मूर्खता दो चीजें अनंत..

कहत कबीर २७

जग में बैरी कोई नहीं, जो मन शीतल होय । ///// करनी बिन कथनी कथै, अग्यानी दिन रात । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर..

ख़ामोशी

इस ख़ामोशी को ग़लत न समझोइस ख़ामोशी से दुआएं लोइस ख़ामोश दिल का है प्यार ऐसाइस का मतलब यह न समझो इस ख़ामोशी में क़ूवत..

कहत कबीर २५

तेरे दिल में राम है, ताहि न देखा जाय । ///// सुख के माथे सिल परै, नाम हृदय ते जाय । कबीर संत कहे जाते..

मैडम और गंगू बाई (३)

मैडम और गंगू बाई (३) मैडम जी को आवाज़, उनकी शख़्सियत की तरह, दबंग मिली थीजब वह बोलतीं, तो sound meter की सूई, 80 dB..

Prose/गद्य

Differing Perspective

Worthless people live only to eat and drink; people of worth eat and drink only to live. — Socrates नालायक लोग केवल खाने के लिए

Read More »

Poetry/पद्य

आध्यात्मिक (Spiritual)

Thus Spake Kabeer 17

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone.  He also deals

Read More »

Inspirational / प्रेरक

आध्यात्मिक (Spiritual)

कहत कबीर ४४

जहाँ न जाको गुन लहै, तहाँ न ताको ठाँव । ///// हीरा तहाँ न खोलिए, जहँ खोटी है हाट । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं,

Read More »