Be My Friend
Don’t walk behind me; I may not lead. Don’t walk in front of me; I may not follow. Just walk beside me and be my
मनुष्यों के अस्तित्व के लिए पानी आवश्यक है । इसलिए, जैसे-जैसे मानव जाति खानाबदोश “शिकार-संग्रह” जीवन शैली से “कृषिवाद” तक आगे बढ़ी, उन्होंने एक स्थान..
हमारा पहला पड़ाव था “अडालज की वाव” । वाव या बावड़ी या, अंग्रेज़ी में, Stepwell, का इतिहास बहुत पुराना है । पानी को संचय करनेवाली..
श्री जसवंत सिंह जी बाँठिया के, 20 वीं सदी के मध्य में जन्मे पौत्र-पौत्रियाँ, अपने जीवन के ८ वें / ९ वें दशक में पहुँच..
कहा कुछ तुमने ?– सुना नहीं, दुआ थी या बद्दुआ, पता नही । हाँ और ना से, हक़ीक़त बदलते देखी बातों का अब मुझे, आसरा नहीं ।..
बचपन में हम एक छोटी सी औद्योगिक बसाहट में रहते थे – तीन बँगले, ८-१० क्वार्टर, मजदूरों की बस्ती, एक डिस्पेंसरी और बैरकनुमा ऑफिसों के..
विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..
विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..
विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..
कबीर ब्यास कथा कहै, भीतर भेदे नाहिं । // मानुस तेरा गुन बड़ा, मांस न आवे काज । कबीर संत कहे जाते हैं, पर इनके..
Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals..
दिल और दिमाग़ जब दिल और दिमाग़ में समन्वय न हो तोन दिल सम्भलता है न दिमाग़ को चैन हैदिल प्यार ढूँढता है, दिमाग़ वैभव..
साधु भया तो क्या भया, बोले नाहिं बिचार । // मधुर बचन है औषधी, कटुक बचन है तीर । कबीर संत कहे जाते हैं, पर..
Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals..
Don’t walk behind me; I may not lead. Don’t walk in front of me; I may not follow. Just walk beside me and be my
ये दोहे श्री अनूप जलोटा के गाये हुए “कबीर दोहे” की धुन पर सजते हैं सेवा करना तब सजे, करे बिना निज नाम ।सच्ची सेवा वह करे,

पानी मिलै न आपको, औरन बकसत क्षीर । ///// कबीर संगत साधु की ज्यौं गंधी का बास। कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर इनके विचारों