प्यार और प्याज

प्यार और प्याज प्यार और प्याज में बहुत ज़्यादा फ़र्क़...

Sanyās Āshram

The word Āshram means a place or stage where one...

Vānaprastha Āshram

The word Āshram means a place or stage where one...

Featured / विशेष

मेरी अज्जी और मैं (१२/२१)

विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..

मेरी अज्जी और मैं (१०/२१)

विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..

मेरी अज्जी और मैं (९/२१)

विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..

Most read / लोकप्रिय

Thus Spake Kabeer 08

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone.  He also deals..

कहत कबीर ३७

तू मत जाने बावरै, मेरा है सब कोय । ///// आब गई, आदर गया, नैनन गया सनेह ।। कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर इनके..

कबीर दास जी से प्रेरित कुछ दोहे — ३

ये दोहे श्री अनूप जलोटा के गाये हुए “कबीर दोहे” की धुन पर सजते हैं हिन्दू, बौद्ध, जैन, ईसाई, सिख तथा इस्लाम ।धर्मों के छ:..

Thus Spake Kabeer 39

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals..

Happiness (5)

If you expect another person to make you happy, You’ll be endlessly disappointed. —-M. Scott Peck आनंद (५) यदि आप यह उम्मीद रखते हैं कि..

कहत कबीर ०८

कस्तूरी कुंडल बसै, मृग ढूँढ़े बन माहि । // सोना, सज्जन, साधुजन, टूट जुड़ै सौ बार । कबीरदास जी संत कहे जाते हैं, पर इनके..

Prose/गद्य

QUOTES

Falling in Love

The experience of falling in love is invariably temporary. —-M. Scott Peck प्यार हो जाना “प्यार हो जाने” (falling in love) का अनुभव हमेशा अस्थायी

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Poetry/पद्य

चैन की नींद

चैन की नींद मेरा सब कुछ लेले, बस चैन की नींद का रहम कर  दौलत में चैन नहीं, इज़्ज़त में चैन नहीं रस्मों में चैन

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Inspirational / प्रेरक

आध्यात्मिक (Spiritual)

कहत कबीर २८

कबीर सूता क्या करै, जागि न जपै मुरारि । ///// पात झरंता यों कहे, सुनु तरुवर बनराय । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर इनके

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