Purushārtha and Āshram Vyavasthā (System) – in Hindu Philosophy

The word Purushārtha means Human Goals. In our spiritual texts,...

वाव / बावड़ी /Step-well

मनुष्यों के अस्तित्व के लिए पानी आवश्यक है । इसलिए,...

अडालज की वाव

हमारा पहला पड़ाव था “अडालज की वाव” ।  वाव या...

Featured / विशेष

मेरी अज्जी और मैं — अनुवादक के बारे में

डॉ. कुसुम बाँठिया दिल्ली में कॉलेजों तथा विश्वविद्यालय में तीस वर्ष तक हिन्दी भाषा तथा साहित्य का प्राध्यापन करने के बाद सेवानिवृत्त हुई हैं ।..

मेरी अज्जी और मैं (२०/२१)

विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..

मेरी अज्जी और मैं (११/२१)

विषय सूची (लिंक्स के साथ) अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १०..

Most read / लोकप्रिय

फूल की मुस्कराहट

बाग़ का फूल, अपना पराग दे कर मुरझा जाता है पूजा का फूल अपना आशीर्वाद देकर मुरझा जाता है गुलदस्ते का फूल आनंद देकर कुछ..

बन्दर की पूंछ

बन्दर की पूंछ (पंचतंत्र की एक कहानी पर आधारित) बहुत दिनों पहले जंगल में, रहते थे कुछ बन्दरइधर कूदते, उधर फाँदते, खेला करते दिन भर..

ये शायरी क्या है

मैंने ग़ालिब से पूछा, “ग़ालिब ये शायरी किस बला का नाम है?”“ए नामुराद, क्यों मुझे यार के सपनों से जगाता है”मैं भी ज़िद्दी ठहरा—“ग़ालिब मुझ..

Thus Spake Kabeer 37

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals..

कहत कबीर ३८

ज्यों तिरिया पीहर बसै, सुरति रहै मन माँहि । ///// छिनहि चढ़ै छिन ऊतरै, सो तो प्रेम न होय । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं,..

कहत कबीर १३

साधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय । // जाति न पूछो साधु की , पूछ लीजिए ज्ञान । कबीरदास जी संत कहे जाते हैं, पर..

Prose/गद्य

संदेशे जाते हैं

मेरी उम्र लगभग 13–14 साल रही होगी जब मेरे ननिहाल में सुखदेई नाम की रसोईदारिन रहती थी । महीने दो महीने में जब भी मेरा

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Poetry/पद्य

आध्यात्मिक (Spiritual)

Thus Spake Kabeer 26

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals

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Inspirational / प्रेरक

Differing Perspective

Worthless people live only to eat and drink; people of worth eat and drink only to live. — Socrates नालायक लोग केवल खाने के लिए

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