सार्वभौमिक धर्म

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प्रत्येक आत्मा संभावित रूप से दिव्य है।

लक्ष्य है, बाहरी और आंतरिक प्रकृति को नियंत्रित करके इस दिव्यता को प्रकट करना ।

इसे या तो काम या पूजा या मानसिक नियंत्रण या दर्शन द्वारा करें – इनमें से एक या अधिक या सभी के द्वारा – और मुक्त रहें।

यही पूरा धर्म है । सिद्धांत या हठधर्मिता या अनुष्ठान या किताबें या मंदिर या रूप केवल द्वितीयक विवरण हैं।

— स्वामी विवेकानंद

Image Credit: Thomas Harrison, Public domain, via Wikimedia Commons

वाव / बावड़ी /Step-well

मनुष्यों के अस्तित्व के लिए पानी आवश्यक है । इसलिए, जैसे-जैसे मानव जाति खानाबदोश “शिकार-संग्रह” जीवन शैली से “कृषिवाद” तक आगे बढ़ी, उन्होंने एक स्थान

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गद्य (Prose)

अडालज की वाव

हमारा पहला पड़ाव था “अडालज की वाव” ।  वाव या बावड़ी या, अंग्रेज़ी में, Stepwell, का इतिहास बहुत पुराना है ।  पानी को संचय करनेवाली

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