टूटे-फूटे ख़याल

सपने और यादें

तेरी यादें कभी मेरे जहन से जाती ही नहीं
तेरे सपने मेरी आँखों से कभी टलते ही नहीं
मैं तो उलझ जाता हूँ ये यादें हैं, सपने हैं नहीं

ख़ुशबू

तेरी ख़ुशबू से महकता रुमाल मैं अपनी जेब में महसूस करता हूँ
जब याद आए तो खोल कर तेरी महक का अहसास करता हूँ
कोई पास न आए, महज नाक साफ करने का बहाना करता हूँ

— राम बजाज

वाव / बावड़ी /Step-well

मनुष्यों के अस्तित्व के लिए पानी आवश्यक है । इसलिए, जैसे-जैसे मानव जाति खानाबदोश “शिकार-संग्रह” जीवन शैली से “कृषिवाद” तक आगे बढ़ी, उन्होंने एक स्थान

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गद्य (Prose)

अडालज की वाव

हमारा पहला पड़ाव था “अडालज की वाव” ।  वाव या बावड़ी या, अंग्रेज़ी में, Stepwell, का इतिहास बहुत पुराना है ।  पानी को संचय करनेवाली

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