डॉ. कुसुम बाँठिया दिल्ली में कॉलेजों तथा विश्वविद्यालय में तीस वर्ष तक हिन्दी भाषा तथा साहित्य का प्राध्यापन करने के बाद सेवानिवृत्त हुई हैं । शोध, पाठन-पाठन, तथा आलोचना संबन्धी लेखन के अलावा इन्होने बड़े पैमाने पर अनुवाद कार्य भी किया है । बांग्ला और अंग्रेज़ी से ये बड़ी संख्या में कहानी-उपन्यासों के अलावा साहित्य, समाजशास्त्र, इतिहास, जीवनी और अन्य विषयों से जुड़े लेखों आदि का भी हिंदी अनुवाद करती रही हैं।

कविताएँ (Poems)
प्यार और प्याज
प्यार और प्याज प्यार और प्याज में बहुत ज़्यादा फ़र्क़ नहीं होता, प्यार हो या प्याज, दोनों ही बेशकीमती हैं, दोनों परत-दर-परत खुलते हैं, फिर

