चरित्र शक्ति (२)
सबसे बड़ा पाप है,
ख़ुद को कमजोर समझना ।
— स्वामी विवेकानंद
Strength of Character (2)
The greatest sin is
to think yourself weak.
— Swami Vivekanand
Image Credit: Thomas Harrison, Public domain, via Wikimedia Commons
चरित्र शक्ति (२)
सबसे बड़ा पाप है,
ख़ुद को कमजोर समझना ।
— स्वामी विवेकानंद
Strength of Character (2)
The greatest sin is
to think yourself weak.
— Swami Vivekanand
Image Credit: Thomas Harrison, Public domain, via Wikimedia Commons
मनुष्यों के अस्तित्व के लिए पानी आवश्यक है । इसलिए, जैसे-जैसे मानव जाति खानाबदोश “शिकार-संग्रह” जीवन शैली से “कृषिवाद” तक आगे बढ़ी, उन्होंने एक स्थान

हमारा पहला पड़ाव था “अडालज की वाव” । वाव या बावड़ी या, अंग्रेज़ी में, Stepwell, का इतिहास बहुत पुराना है । पानी को संचय करनेवाली
श्री जसवंत सिंह जी बाँठिया के, 20 वीं सदी के मध्य में जन्मे पौत्र-पौत्रियाँ, अपने जीवन के ८ वें / ९ वें दशक में पहुँच