Prosperity or Happiness

I do not want India to be an economic superpower,

I want India to be a happy country.

— J.R.D. Tata

समृद्धि या खुशी

मैं नहीं चाहता कि भारत एक आर्थिक महाशक्ति बने,

मैं चाहता हूं कि भारत एक खुशहाल देश बने ।

जहांगीर रतनजी दादाभॉय टाटा

वाव / बावड़ी /Step-well

मनुष्यों के अस्तित्व के लिए पानी आवश्यक है । इसलिए, जैसे-जैसे मानव जाति खानाबदोश “शिकार-संग्रह” जीवन शैली से “कृषिवाद” तक आगे बढ़ी, उन्होंने एक स्थान

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गद्य (Prose)

अडालज की वाव

हमारा पहला पड़ाव था “अडालज की वाव” ।  वाव या बावड़ी या, अंग्रेज़ी में, Stepwell, का इतिहास बहुत पुराना है ।  पानी को संचय करनेवाली

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