कौन बदलता है?
वो नहीं बदले, जो कहते थे कि तुम बदलो,
वो भी नहीं बदले, जिन्हे हमने कहा बदलो ।
इन्ही उपदेशों के चलते, हुए कई द्वंद्व और संग्राम,
हुए विध्वंस शांति, जीव, पर न वो बदले न हम बदले ।
— विनोद
कौन बदलता है?
वो नहीं बदले, जो कहते थे कि तुम बदलो,
वो भी नहीं बदले, जिन्हे हमने कहा बदलो ।
इन्ही उपदेशों के चलते, हुए कई द्वंद्व और संग्राम,
हुए विध्वंस शांति, जीव, पर न वो बदले न हम बदले ।
— विनोद
मनुष्यों के अस्तित्व के लिए पानी आवश्यक है । इसलिए, जैसे-जैसे मानव जाति खानाबदोश “शिकार-संग्रह” जीवन शैली से “कृषिवाद” तक आगे बढ़ी, उन्होंने एक स्थान

हमारा पहला पड़ाव था “अडालज की वाव” । वाव या बावड़ी या, अंग्रेज़ी में, Stepwell, का इतिहास बहुत पुराना है । पानी को संचय करनेवाली
श्री जसवंत सिंह जी बाँठिया के, 20 वीं सदी के मध्य में जन्मे पौत्र-पौत्रियाँ, अपने जीवन के ८ वें / ९ वें दशक में पहुँच