Strength of Character (2)

चरित्र शक्ति (२)

सबसे बड़ा पाप है,

ख़ुद को कमजोर समझना ।

— स्वामी विवेकानंद

Strength of Character (2)

The greatest sin is

to think yourself weak.

— Swami Vivekanand

Image Credit: Thomas Harrison, Public domain, via Wikimedia Commons

वाव / बावड़ी /Step-well

मनुष्यों के अस्तित्व के लिए पानी आवश्यक है । इसलिए, जैसे-जैसे मानव जाति खानाबदोश “शिकार-संग्रह” जीवन शैली से “कृषिवाद” तक आगे बढ़ी, उन्होंने एक स्थान

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गद्य (Prose)

अडालज की वाव

हमारा पहला पड़ाव था “अडालज की वाव” ।  वाव या बावड़ी या, अंग्रेज़ी में, Stepwell, का इतिहास बहुत पुराना है ।  पानी को संचय करनेवाली

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