कबीर दास जी से प्रेरित कुछ दोहे — ६

ये दोहे श्री अनूप जलोटा के गाये हुए “कबीर दोहे” की धुन पर सजते हैं दान में नाम नहीं, नाम से दान नहीं ।नाम है तो दान नहीं, दान है तो नाम नहीं ॥ चिंतन, चिंता, चिता मुताल्लिक (संबन्धित), कह गए संत फ़क़ीर चिंतन से चिंता हटे, चिता भी भागे दूर ॥ सच्चा दानी वो मानुष, करे […]
सपने
आज सुबह बिस्तर से चादर हटाई तो देखा……………बिस्तर पर रात के सपनों के शव बिखरे थेऔर मेरे सूखे आंसुओं के दाग लगे थे……………जिगर के दर्द को गहरा कर, दिल के टुकड़े-टुकड़े कर रहे थे……………मेरे सुकून को हर कर, मुझे बेचैन कर रहे थेआज सुबह जब बिस्तर से चादर हटाई तो देखा……………बिस्तर पर रात के सपनों […]
Thus Spake Kabeer 26

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals with worldly life – the character and behaviour of individuals; practices (and malpractices) rampant in society; evils of caste system which divides people into ‘high’ and ‘low’ classes, etc. He […]
कहत कबीर २६

लाडू, लावन, लापसी, पूजा चढ़े अपार । ///// न्हाए धोए क्या हुआ , जो मन मैल न जाय । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर इनके विचारों और रचनाओं का क्षेत्र केवल धर्म, अध्यात्म, चिंतन और भजन नहीं है। उन्होंने सांसारिक जीवन — व्यक्ति के चरित्र और व्यवहार; समाज की प्रचलित प्रथाओं, व्यवहारों और अंधविश्वासों; […]
फूल की मुस्कराहट

बाग़ का फूल, अपना पराग दे कर मुरझा जाता है पूजा का फूल अपना आशीर्वाद देकर मुरझा जाता है गुलदस्ते का फूल आनंद देकर कुछ दिनों में मुरझा जाता कागज़ का फूल अपना रंग दिखा कर फिर मैला हो जाता है लेकिन—अपने पहले प्यार का दिया फूलजो किताब के पन्नो में संजोया हैन मैला होता […]
कहत कबीर २४

साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप । ///// आवत गारी एक है , उलटत होय अनेक । कबीर संत कहे जाते हैं, पर इनके विचारों और रचनाओं का क्षेत्र केवल धर्म, अध्यात्म, चिंतन और भजन नहीं है। उन्होंने सांसारिक जीवन — व्यक्ति के चरित्र और व्यवहार; समाज की प्रचलित प्रथाओं, व्यवहारों और अंधविश्वासों; समाज […]
Thus Spake Kabeer 24

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals with worldly life – the character and behaviour of individuals; practices (and malpractices) rampant in society; evils of caste system which divides people into ‘high’ and ‘low’ classes, etc. He […]
कहत कबीर २५

तेरे दिल में राम है, ताहि न देखा जाय । ///// सुख के माथे सिल परै, नाम हृदय ते जाय । कबीर संत कहे जाते हैं, पर इनके विचारों और रचनाओं का क्षेत्र केवल धर्म, अध्यात्म, चिंतन और भजन नहीं है। उन्होंने सांसारिक जीवन — व्यक्ति के चरित्र और व्यवहार; समाज की प्रचलित प्रथाओं, व्यवहारों […]
Thus Spake Kabeer 25

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals with worldly life – the character and behaviour of individuals; practices (and malpractices) rampant in society; evils of caste system which divides people into ‘high’ and ‘low’ classes, etc. He […]
ख़ामोशी
इस ख़ामोशी को ग़लत न समझोइस ख़ामोशी से दुआएं लोइस ख़ामोश दिल का है प्यार ऐसाइस का मतलब यह न समझो इस ख़ामोशी में क़ूवत नहीं है . .. क़ूवत — शक्ति, ताकत, strength ….सुकून — शांति, Peace ख़ामोशी की गहराइयों को तो नापोख़ामोशी के सबब को नापोख़ामोशी के आनंद को नापोख़ामोशी के सुकून को […]