Why Amar Celebrates Christmas

Why Amar Celebrates Christmas Once at school lunch time, Amar 11, was talking with his fellow student George who was also eleven. They were both fifth grade students at middle school in Arlington, VA, a cosmopolitan suburb of Washington, D.C., where both lived. This was just small talk about what Amar did over the weekend […]

सुशीला की कहानी (२)

सुशीला की कहानी (२) राम बजाज कुछ ऐसे पड़ोसी, और “मित्र कहलाने वाले,” तो थे ही जो उसकी तपस्या से थोड़ा जलते थे । वह उससे कई व्यक्तिगत और कष्टप्रद प्रश्न करते, जिससे उसको बहुत घृणा और बेचैनी होती थी । उसके कुछ “मित्र” उससे कभी-कभी कहते – तुम तो अभी भी जवान हो तो […]

तेरे ख़्वाबों की ख़ुशबू

तेरे ख़्वाबों की ख़ुशबू कोई चीज़ है, या ना चीज़ हैकोई ख़याल है या बस एक अहसास हैज़हन में बस गयी है, दिल में उतर गयी हैमेरी आरज़ू है कि बस, तू आरज़ी ना होती अहसास- — भावना,ज़हन — दिमाग,आरज़ू — इच्छा,आरज़ी — अस्थिर , क्षणिक दुआ –प्रार्थना,याददाश्त — याद, स्मृतिजुर्रत — हिम्मत गर आरज़ी […]

सुशीला की कहानी (१)

सुशीला की कहानी (१) — राम बजाज ये कहानी एक अभागे और गरीब परिवार की है जिसका पालन-पोषण एक अकेली महिला ने किया जिसका पति उसको और दो बच्चों को छोड़ कर अचानक इस दुनिया से चला गया और जाने से पहले बच्चों को एक प्यार भरा आलिंगन भी नहीं दे सका । इस कहानी […]

जनाबे -आला, मेहरबान

जनाबे -आला, मेहरबान हमने आप से प्यार कर लिया, तो कर लिया,आप माने या ना माने हम ने आपकी यादों को सजा लिया, तो सजा लिया ,आप माने या ना माने हमने तो आप को पुकार लिया, तो पुकार लिया,आप सुनें या ना सुने हमने तो दिल को समझा दिया, तो समझा दिया,कि आप बेवफ़ा […]

कबीर दास जी से प्रेरित कुछ दोहे — ३

ये दोहे श्री अनूप जलोटा के गाये हुए  “कबीर  दोहे” की धुन पर सजते हैं हिन्दू, बौद्ध, जैन, ईसाई, सिख तथा इस्लाम ।धर्मों के छ: नाम हैं यह, पर हैं सब एक समान ॥ चिंतन जो मानुष करे, हो भव-सागर पार ।सेवा जग की जो करे, पाए शांति अपार ॥ ईर्ष्या से बच कर रहो, ईर्ष्या ऐसा […]

विषाद (Melancholia)

विषाद (Melancholia) आइफ़ोन में पढ़ा और टीवी पे देखा कि आज मेरे घर के पास तूफ़ान आने वाला है । ज़ोरों से पानी बरसेगा और बड़े वेग से हवा चलेगी । अपने बचाव के लिए आप इंतज़ाम कर लें। यह तूफ़ान अब से करीब ६ घंटों के बाद चला जाएगा । खबर पढ़ कर थोड़ा […]

पुलिस की मृगतृष्णा (भाग २)

पुलिस की मृगतृष्णा (भाग १) घटना वाले दिन, खाने के समय चारों लोग जन-सेवा बैंक में गए । उससे पहले चारों ने अपना वेश बदला – चारों ने काले रंग के कपड़े पहने, सिर पर एक टोपा (हुड) पहना और उसके उपर एक काले रंग का कोविड-मास्क पहना । मास्क पर शहर के एक लोकप्रिय […]

पुलिस की मृगतृष्णा (भाग १)

पुलिस की मृगतृष्णा (भाग २) मेरा शहर, भारत का एक बड़ा ही महत्वपूर्ण शहर है । ३० लाख से ऊपर की आबादी वाले इस शहर में हर प्रकार के व्यवसाय और सेना का बड़ा केंद्र हैं, और चमड़‍े के व्यापार में तो यह विश्वविख्यात है ।यह एक और क्षेत्र में बड़ा “विख्यात” है – वह […]

छल्लों वाली गाड़ी

मेरे बहनोई अपने को बड़ा तीस-मार खां समझते हैं । किसी तरह सातवीं पास करने के बाद अपने बाप की बिज़नस में लग कर बड़ा पैसा कमाया है । खैर, उन्होंने एक ऑटोमैटिक-ट्रांसमिशन वाली, छल्लों-वाली गाड़ी, Audi, खरीदी और उसे चला कर बड़े ही घमंड के साथ घूमते थे, और ड्राईवर साथ बैठा होता था […]