ख़्वाब तो ख़्वाब है

ख़्वाब तो ख़्वाब है ख़्वाब तो ख़ाली ही रहते हैंख़्वाब कभी भरते नहींमेरी क़िस्मत को तो देखोमुझे ख़्वाब भी आते नहीं कल रात बड़ी मुद्दतों के बाद एक सुंदर, सलोना सपना देखासपना सुंदर था, सलोना भी था, पर बड़ा ही ख़ौफ़नाक थासपने में मुझे जिस्म, दिल और दिमाग़ की सारी ख़ुशियाँ मिलीपर इन ख़ुशियों की […]

कबीर दास जी से प्रेरित कुछ दोहे — ६

ये दोहे श्री अनूप जलोटा के गाये हुए  “कबीर  दोहे” की धुन पर सजते हैं दान में नाम नहीं, नाम से दान नहीं ।नाम है तो दान नहीं, दान है तो नाम नहीं ॥ चिंतन, चिंता, चिता मुताल्लिक (संबन्धित), कह गए संत फ़क़ीर चिंतन से चिंता हटे, चिता भी भागे दूर ॥ सच्चा दानी वो मानुष, करे […]

सपने

आज सुबह बिस्तर से चादर हटाई तो देखा……………बिस्तर पर रात के सपनों के शव बिखरे थेऔर मेरे सूखे आंसुओं के दाग लगे थे……………जिगर के दर्द को गहरा कर, दिल के टुकड़े-टुकड़े कर रहे थे……………मेरे सुकून को हर कर, मुझे बेचैन कर रहे थेआज सुबह जब बिस्तर से चादर हटाई तो देखा……………बिस्तर पर रात के सपनों […]

फूल की मुस्कराहट

बाग़ का फूल, अपना पराग दे कर मुरझा जाता है पूजा का फूल अपना आशीर्वाद देकर मुरझा जाता है गुलदस्ते का फूल आनंद देकर कुछ दिनों में मुरझा जाता कागज़ का फूल अपना रंग दिखा कर फिर मैला हो जाता है लेकिन—अपने पहले प्यार का दिया फूलजो किताब के पन्नो में संजोया हैन मैला होता […]

ख़ामोशी

इस ख़ामोशी को ग़लत न समझोइस ख़ामोशी से दुआएं लोइस ख़ामोश दिल का है प्यार ऐसाइस का मतलब यह न समझो इस ख़ामोशी में क़ूवत नहीं है . .. क़ूवत — शक्ति, ताकत, strength ….सुकून — शांति, Peace ख़ामोशी की गहराइयों को तो नापोख़ामोशी के सबब को नापोख़ामोशी के आनंद को नापोख़ामोशी के सुकून को […]

दिल और दिमाग़

दिल और दिमाग़ जब दिल और दिमाग़ में समन्वय न हो तोन दिल सम्भलता है न दिमाग़ को चैन हैदिल प्यार ढूँढता है, दिमाग़ वैभव के पीछे हैदिल सुकून ढूँढता है, दिमाग शोर में शामिल हैमैं क्या करूँ एक ही मेरा दिल है, एक ही दिमाग़ है दिल रोना चाहता है, दिमाग़ बहस करता हैदिल […]

दाल खाये सैयां हमार

(पान खाये सैयां हमार की तर्ज़ पर ) दाल खाये सैयां हमारोउसमें डाले वो, ठर्रे का पावहाय हाय अब क्या करूँ मैं,रात दिन मैं तो, हूँ बेहालदाल खाएँ — रात में जब वो, आकर सोए,शोर करे वो, दोनो तरफ़ सेरात में जब वो, आकर सोए,शोर करे वो, दोनो तरफ़ सेआ आ आबापू, अम्मा, बच्चे रोयेंकुछ […]

कबीर दास जी से प्रेरित कुछ दोहे — ५

ये दोहे श्री अनूप जलोटा के गाये हुए  “कबीर  दोहे” की धुन पर सजते हैं रोते रोते आये थे, इस संसार में राम । हँसते, हँसते भेजना, इस दुनिया से राम ॥ नाम माँग कर जो करे, दान होवे बदनाम ।सच्चा दानी वो मानुष, करे दान बेनाम ॥ रामायण, गीता पढ़े, भजे हरी का नाम । गर उसका अहं बढ़े, […]

सिर्फ़ उन्हें आता है

सिर्फ़ उन्हें आता है उनसे अपने दिल का लगाना, हमे आता हैपर दिल्लगी करना, सिर्फ उन्हें आता है दिल्लगी — उपहास साकी से नज़र मिलाना, हमें आता हैऐसी खूबसूरत हरकत पे ऐतराज़ करना, सिर्फ उन्हे आता है ऐतराज़ — आपत्ति आशिकों की किताब में कभी, हमारा भी उम्दा नाम थापर जहाँ में हमें बदनाम करना, […]

Karma

Karma A young IT professional, while walking downtown, notices a sign for a new restaurant “Karma”. He was hungry and decides to give it try. He walks in and is greeted by a waiter who tells him about the novel approach of this restaurant. He tells him that there is no menu and “you get […]