“जी” नहीं कहते

दोस्त दोस्तों को “जी” नहीं कहतेगाली भी दें तो, खफा नहीं रहतेजिनके होने से खुशी हो दुगनीमुश्किल पड़े तो वो, हमसे जुदा नहीं रहते दोस्ती मिले तो नेमत ख़ुदा कीउसके धरती पर होने की, अदा भीशामें जो दोस्तों की महफ़िल में गुज़रींहंसी के वहां, क्या झरने नहीं बहतेमुश्किल पड़े तो वो, हमसे जुदा नहीं रहते […]