दोस्ती की नज़र

दोस्ती की नज़र कह ना पायेंगे कभी एहसान तेरा, मेरे दोस्तशुक्रिया कहने को निकले, आँख नम सी हो गयीसूरज की गर्मी से पिघले, जब मिले इक मोड़ परतेरे आने से भला क्यूँ, धूप ठंडी हो गयी हाथ मेरा, तेरे संग, जब भी उठा फरियाद मेंमुस्कुरा के हँस दिया “वो”, मेहरबानी हो गयीहमने जन्नत की झलक, […]
The Bhagwad Gita — Chapter 2_2

स्थित प्रज्ञ Steady Wisdom The Bhagwad Gita Chapter 2 (2) Sanjay Mehta स्थित प्रज्ञ Steady Wisdom One of the hallmarks of the Bhagwad Gita’s teachings is the philosophy of “Sthita Pragya” (Steady Wisdom or State of Mind). When our mind is unstable, it experiences frustration, agitation, stress, nervousness etc. Arjun was in such a state […]