मेरी अज्जी और मैं (३/२१)

शुरुआत में जाइए मेरी अज्जी और मैं (१/२१) सन १९१५...

मेरी अज्जी और मैं (२०/२१)

शुरुआत में जाइए मेरी अज्जी और मैं (१/२१) बाबा को...

मेरी अज्जी और मैं (२/२१)

शुरुआत में जाइए मेरी अज्जी और मैं (१/२१) जैसा उस...

Featured / विशेष

मेरी अज्जी और मैं (१८/२१)

शुरुआत में जाइए मेरी अज्जी और मैं (१/२१) अस्पताल में प्रैक्टिस से कॉर्पोरेट दफ़्तर – मेरे लिए यह परिवर्तन बहुत बड़ा था । इसके लिए..

मेरी अज्जी और मैं (७/२१)

शुरुआत में जाइए मेरी अज्जी और मैं (१/२१) समाज और आर्थिक स्थिति की सारी बाधाओं को अपने निजी संकल्प और जीवट के बल पर पार..

मेरी अज्जी और मैं (१६/२१)

शुरुआत में जाइए मेरी अज्जी और मैं (१/२१) हमने मॉस्को में गर्मियों के गुनगुने मौसम का खूब आनंद लिया । जगत प्रसिद्ध रशियन सर्कस देखने..

Most read / लोकप्रिय

कहत कबीर ०१

दोस पराए देख करि, चलत हसन्त हसन्त । // दीन, गरीबी, बंदगी, सब सों आदर भाव । कबीरदास जी संत कहे जाते हैं, पर इनके..

कहत कबीर ३५

जिनके नौबति बाजती, मैंगल बँधते बारि । ///// मैं मैं बड़ी बलाइ है, सकै तो निकसे भाजि । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर इनके..

कहत कबीर २२

जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाहिं । // समदृष्टी सतगुरु किया, मेटा भरम विकार । कबीर संत कहे जाते हैं,..

Thus Spake Kabeer 10

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals..

Thus Spake Kabeer 30

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone.  He also deals..

Cry of a newborn

Why do babies cry at birth? हिन्दी में पढ़िये A “free” soul, for liberation from “Karma”Enters the domain of “physical life” once again A new..

Prose/गद्य

यादों के साये (Nostalgia)

मुट्ठी में दुअन्नी

बचपन में हम एक छोटी सी औद्योगिक बसाहट में रहते थे – तीन बँगले, ८-१० क्वार्टर, मजदूरों की बस्ती, एक डिस्पेंसरी और बैरकनुमा ऑफिसों के

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Poetry/पद्य

कविताएँ (Poems)

A Magnificent Trade

A Magnificent Trade My Child! Today I wish to share with you. My love for you is Unequivocal Uninhibited Unending Unfathomable Uninterrupted Unbiased and Unconditional

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Inspirational / प्रेरक

आध्यात्मिक (Spiritual)

कहत कबीर ५१

हरि गुन गावै हरषि के, हिरदय कपट न जाय । ////// बूझ सरीखी बात है, कहन सरीखी नाहिं। कबीरदासजी संत कहे जाते हैं, पर इनके

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