मेरी अज्जी और मैं (६/२१)

शुरुआत में जाइए मेरी अज्जी और मैं (१/२१) बापूजी से...

मेरी अज्जी और मैं (५/२१)

शुरुआत में जाइए मेरी अज्जी और मैं (१/२१) पुणे के...

मेरी अज्जी और मैं (४/२१)

शुरुआत में जाइए मेरी अज्जी और मैं (१/२१) श्री कर्वे...

Featured / विशेष

मेरी अज्जी और मैं (३/२१)

शुरुआत में जाइए मेरी अज्जी और मैं (१/२१) सन १९१५ में पुणे आगमन अकुताई के जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ ।..

मेरी अज्जी और मैं (७/२१)

शुरुआत में जाइए मेरी अज्जी और मैं (१/२१) समाज और आर्थिक स्थिति की सारी बाधाओं को अपने निजी संकल्प और जीवट के बल पर पार..

मेरी अज्जी और मैं (६/२१)

शुरुआत में जाइए मेरी अज्जी और मैं (१/२१) बापूजी से इस आकस्मिक मुलाक़ात का युवा गोपालराव के मन पर गहरा प्रभाव पड़ा । उस दिन..

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लफ़्ज़ों में क्या रखा है

कहा कुछ तुमने ?– सुना नहीं, दुआ थी या बद्दुआ,  पता नही । हाँ और ना से, हक़ीक़त बदलते देखी बातों  का अब  मुझे, आसरा नहीं ।..

कुछ शेर

अर्सा (लंबा समय) हो गया , “बदले” का इंतज़ार करकेथके बदले ने भी अब, बदलने की ठान ली है गर्ज़ (जरूरत) है आपकी मुहब्बत काअर्ज़..

कहत कबीर ४७

प्रेम न बारी ऊपजै, प्रेम न हाट बिकाय । ////// जो घट प्रेम न संचरै, सो घट जानि मसान । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं,..

कबीर दास जी से प्रेरित कुछ दोहे — ३

ये दोहे श्री अनूप जलोटा के गाये हुए “कबीर दोहे” की धुन पर सजते हैं हिन्दू, बौद्ध, जैन, ईसाई, सिख तथा इस्लाम ।धर्मों के छ:..

कहत कबीर ३८

ज्यों तिरिया पीहर बसै, सुरति रहै मन माँहि । ///// छिनहि चढ़ै छिन ऊतरै, सो तो प्रेम न होय । कबीरदासजी संत कहे जाते हैं,..

ख़ामोशी

इस ख़ामोशी को ग़लत न समझोइस ख़ामोशी से दुआएं लोइस ख़ामोश दिल का है प्यार ऐसाइस का मतलब यह न समझो इस ख़ामोशी में क़ूवत..

Prose/गद्य

संदेशे जाते हैं

मेरी उम्र लगभग 13–14 साल रही होगी जब मेरे ननिहाल में सुखदेई नाम की रसोईदारिन रहती थी । महीने दो महीने में जब भी मेरा

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Poetry/पद्य

आध्यात्मिक (Spiritual)

Thus Spake Kabeer 51

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone. He also deals

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Inspirational / प्रेरक

आध्यात्मिक (Spiritual)

Thus Spake Kabeer 13

Kabeerdaas ji is categorized as a saint but his thoughts and compositions are not confined to religion, spirituality, meditation and bhajans alone.  He also deals

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